Posts Tagged ‘ mahesh ’

इसी लिए ज़िंदा हे हम आज भी


इसी लिए ज़िंदा हे हम आज भी वो ख़याल से,
कन्हि ये इल्ज़ाम ना लगा दे दुनिया वाले,
के महोब्बत मे मरने वाले ख़ुदग़र्ज़ होते हे!

उनका दिल आज भि मेरे पास हे,
के महोब्बत से जुड़े दो दिल, महफूज़ होते हे!
कहां दिखते हे वो हसीन सितम,
ऐसे राज़ तो कब्र मे दफ़न होते हे!

 

-Dardil

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દુખતી નસ – उनकी रुसवाई से गमजदा तो हम हुए


उनकी रुसवाई से गमजदा तो हम हुए, नाम लेके हमारा भला वो क्यूँ रोते हैं!
सुना है मारते हैं ठोकर जो हसीन गुलाब को, कांटो के झख्म उन्ही के पैरों मे होते हैं!!

– મુક્ત ઉર્મી (નેહા વર્મા)

નેહા બેન (Cygnet Infotech) નુ આ પેહલુ ક્રિયેશન છે. સાભાર અંહી રજૂ કરુ છુ!!!

कुछ कर गुज़र


सोच सोच सोच,
सोच के कुछ कर गुज़र!

सुबह हे तेरी,
रात के अंधेरो से मत डर,
कुछ कर गुज़र!

आज़ाद हे तू, आज़ादी तेरी,
मत छुना, गुलामी के पैर,
कुछ कर गुज़र!

धरती अंबर और समंदर, सब तेरा,
तुने ठानी हे अगर,
कुछ कर गुज़र!

सोच तेरा हथियार हे,
छा जा, एक लहर बन कर!
कुछ कर गुज़र!

हे जज़्बा दिल मे अगर,
आएगा वो रहनुमा बन कर!
कुछ कर गुज़र!

सोच सोच सोच,
सोच के कुछ कर गुज़र!

-दर्दिल (महेश चावडा)

કરીષ્યે વચનન તવ



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|| નષ્ટ: મોહા: સ્મૃતી: લબ્ધા ત્વત્ પ્રસાદા: માયા

અચ્યુતા સ્થીતા: અસ્મી ગતસંદેહા: કરીષ્યે વચનન તવ ||

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ચાલો નવા વરસે અર્જુન જેવો સંકલ્પ કરિયે અને જીવન ને ઉજવીયે.

બધા વાચક મિત્રો ને સાલ મુબારક!!!

મારે કોઈ પણ બહાર નુ યુદ્ધ નથી જીતવુ


મારે કોઈ પણ બહાર નુ યુદ્ધ નથી જીતવુ, ઍ જીત નો શું મતલબ જો હું પોતાનાથીજ હારેલો હોઉં?

-દર્દિલ

तन्हा जब दिल होगा, आपको आवाज़ दिया करेंगे.


तन्हा जब दिल होगा, आपको आवाज़ दिया करेंगे.
रात मे सितारोंसे आपका ज़िक्र किया करेंगे.
आप आए या ना आए हमारे ख्वाबोमे,
हम बस आपका इंतेज़ार किया करेंगे.
ख्वाब देखने के लिए अब सो जाएँगे…

-PPP

हमे ना मालूम था कितनी मोहब्बत करनी थी


हमे ना मालूम था कितनी मोहब्बत करनी थी,
पर जितनी भी करनी थी, बे-हद करनी थी,
लो तोड़ दिए सारे कीर्तिमान आज,
कोई कहेगा कैसा आशिक था, ये बाते ना सुननी थी…

-दर्दिल