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જીવનને સમજવા ની સમજદારી ખૂટે છે


જીવનને સમજવા ની સમજદારી ખૂટે છે,
જે તારુ નથી ઍ પામવા, કેમ તૂટે છે?

પરબ ની જન્ખના મા શુકામ રાચે તૂ?
ખોબો છે, ઍ પીજા ને!
તરશ તો તોય છીપે છે!

-દર્દિલ

દુખતી નસ – उनकी रुसवाई से गमजदा तो हम हुए


उनकी रुसवाई से गमजदा तो हम हुए, नाम लेके हमारा भला वो क्यूँ रोते हैं!
सुना है मारते हैं ठोकर जो हसीन गुलाब को, कांटो के झख्म उन्ही के पैरों मे होते हैं!!

– મુક્ત ઉર્મી (નેહા વર્મા)

નેહા બેન (Cygnet Infotech) નુ આ પેહલુ ક્રિયેશન છે. સાભાર અંહી રજૂ કરુ છુ!!!

पीठ पे जीतने घाव हे


पीठ पे जीतने घाव हे, उतनी जंग हम हार गए,
छाती पे जीतने जेले घाव, उतने दुश्मन परास्त हुए!

– दर्दिल

कुछ कर गुज़र


सोच सोच सोच,
सोच के कुछ कर गुज़र!

सुबह हे तेरी,
रात के अंधेरो से मत डर,
कुछ कर गुज़र!

आज़ाद हे तू, आज़ादी तेरी,
मत छुना, गुलामी के पैर,
कुछ कर गुज़र!

धरती अंबर और समंदर, सब तेरा,
तुने ठानी हे अगर,
कुछ कर गुज़र!

सोच तेरा हथियार हे,
छा जा, एक लहर बन कर!
कुछ कर गुज़र!

हे जज़्बा दिल मे अगर,
आएगा वो रहनुमा बन कर!
कुछ कर गुज़र!

सोच सोच सोच,
सोच के कुछ कर गुज़र!

-दर्दिल (महेश चावडा)

साँस मे तेरी बेहने के लिए


साँस मे तेरी बेहने के लिए, ये हवाएँ चली होंगी!
देख के तेरा चेहरा, पेहली कली खिली होंगी!!
यूँही नही उठते ज़नाज़े इतने एक साथ…
कुछ तो वज़ह रही होंगी !!!

-दर्दिल (महेश चावडा)

મારે કોઈ પણ બહાર નુ યુદ્ધ નથી જીતવુ


મારે કોઈ પણ બહાર નુ યુદ્ધ નથી જીતવુ, ઍ જીત નો શું મતલબ જો હું પોતાનાથીજ હારેલો હોઉં?

-દર્દિલ

तन्हा जब दिल होगा, आपको आवाज़ दिया करेंगे.


तन्हा जब दिल होगा, आपको आवाज़ दिया करेंगे.
रात मे सितारोंसे आपका ज़िक्र किया करेंगे.
आप आए या ना आए हमारे ख्वाबोमे,
हम बस आपका इंतेज़ार किया करेंगे.
ख्वाब देखने के लिए अब सो जाएँगे…

-PPP