Archive for ડિસેમ્બર, 2016

इसी लिए ज़िंदा हे हम आज भी


इसी लिए ज़िंदा हे हम आज भी वो ख़याल से,
कन्हि ये इल्ज़ाम ना लगा दे दुनिया वाले,
के महोब्बत मे मरने वाले ख़ुदग़र्ज़ होते हे!

उनका दिल आज भि मेरे पास हे,
के महोब्बत से जुड़े दो दिल, महफूज़ होते हे!
कहां दिखते हे वो हसीन सितम,
ऐसे राज़ तो कब्र मे दफ़न होते हे!

 

-Dardil

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